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पेट में कीड़े होने के लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज -stomach worms


पेट में कीड़े (stomach worms) होने के बहुत से लक्षण हमारे शरीर में दिखाई देते हैं और इसका आयुर्वेदिक इलाज भी है अगर हमारे शरीर में पेट के अंदर कीड़े पड़ जाए जिसे हम फीता कृमि बोलते हैं तो एक तरीके से हमारे शरीर का विकास रुक जाता है और हम तरह-तरह की बीमारियों से घिर जाते है।
पेट में कीड़े होने के लक्षण

हमारे ऊपर कोई भी दवा काम नहीं करती और जो कुछ भी खाते हैं हमारे शरीर को नहीं मिल पाता और धीरे-धीरे हमारे शरीर का वजन भी कम होने लगता है जिससे हमें बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो तो आज हम जानते हैं पेट के कीड़े या फीता कृमि (stomach worms) क्या है और इसका आयुर्वेदिक इलाज क्या है।

पेट में कीड़े होने के लक्षण

मांस पेशियां और जोड़ों में दर्द होना हमेशा थकान महसूस करना त्वचा पर चकत्ते या एक्जिमा होना रात को सोने में परेशानी होना नींद का बार बार टूटना और पाचन से संबंधित परेशानियां होना खून की कमी होना हमेशा कब्ज रहना पेट में गैस बनना खाने के बाद भी भूख लगना त्वचा पर रैशेज और एलर्जी होना और मुँह से हर समय दुर्गन्ध आती है।आदि क्योंकि हम जो भी भोजन करते हैं यह कीड़े उनसे मिलने वाले प्रोटीन विटामिन को चूस लेते हैं और यह हमारे आंतों की परतों से खून चूसते हैं जिससे हमारे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है.पेट में कीड़े (stomach worms) होने के यह मुख्य लक्षण है।

पेट-में-कीड़े-होने-के-लक्षण


बच्चों में मुख्य लक्षण -  

यह कीड़े ज्यादातर बच्चों में पाए जाते हैं.बच्चों के पेट में दर्द रहना और रात को सोते समय मुंह से लार निकलती है और तकिया गीला हो जाता है त्वचा पर चकत्ते पड़ जाते हैं और रात को सोते समय बच्चों का दांत पीसना यह पेट में कीड़े होने के मुख्य लक्षण होते है।

पेट के कीड़ों के प्रकार-Types of stomach worms

पेट में कीड़े कई प्रकार के होते हैं-
 जिनके नाम इस प्रकार से है (flatworms-flukes,tapeworm roundworms -ascariasis,pinworm,hookworm infections)  इन्हें हम आंतों के कीड़े या परजीवी कीड़े के नाम से भी जानते हैं.इनमें से हम कुछ कीड़ों को अपने मल में देख सकते हैं और कुछ कीड़े तो ऐसे होते हैं कि उनके लिए लेस लगाने की जरूरत पड़ती है जिनको सीधी आंखों से नहीं देख सकते है।

पेट में कीड़े


पेट में कीड़े का जड़ से इलाज-Treatment of stomach worm root

हमारे पेट में कीड़े हो जाते हैं तो हम पेट के कीड़े मारने वाली दवा खा लेते हैं और हम सोचते हैं कि हमारे पेट से सारे कीड़े बाहर निकल गए या मर गए लेकिन पेट के कीड़े मारने की दवा से कुछ ही प्रकार के कीड़े मरते हैं.हमें पेट में कीड़े का जड़ से इलाज करने के लिए कुछ आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन करना पड़ेगा .जो इस प्रकार से है।

7 साल से नीचे के बच्चों के लिए

2- अर्विन्दासव-Arvindasav                                                       =एक चम्मच
3- क्रिमिकुथार रस-Krumikuthar Rasa                                      =एक टेबलेट

7 से 14 साल तक के बच्चों के लिए

1- विदंगासव-Vidangasava  या   विदंगारिस्ट-Vidangarishta      =दो  चम्मच
2- अर्विन्दासव-Arvindasav                                                        =दो  चम्मच
3- क्रिमिकुथार रस-Krumikuthar Rasa                                        =एक टेबलेट

14 साल से ऊपर के लिए
1-विदंगासव-Vidangasava  या   विदंगारिस्ट-Vidangarishta      =तीन से चार चम्मच
2- अर्विन्दासव-Arvindasav                                                       =तीन से चार चम्मच
3-क्रिमिकुथार रस-Krumikuthar Rasa                                        =एक टेबलेट

सुबह और शाम भोजन करने के बाद इन आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन एक से डेढ़ महीने तक करें फिर 1 महीने के लिए  इन आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन बंद कर दे और फिर से एक से डेढ़ महीने तक इन आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन करें.और  ऐसा करने से हमारे पेट में कीड़े की शिकायत से हमेशा के लिए छुटकारा मिल सकता है।

चेतावनी-    

बच्चों को दवा देने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से अवश्य मिले । 

कुछ घरेलू उपाय

आडू के पत्ते- 

आडू के पत्तियों का रस निकालें और इसकी 1-2 एमएल मात्रा बच्चों को पिलाएं। यह पेट के कीड़ों को खत्म करने का एक कारगर घरेलू उपाय है। 

लाल टमाटर- 

2-3 पके हुए लाल टमाटर हफ्ते में दो-तीन बार काला नमक मिलाकर खिलाएं बच्चों  के पेट में कीड़े के लिए एक कारगर घरेलू उपाय है। 

नीम के पत्ते - 

नीम के पत्तों में  एंटी-बैक्टिरीयल होते हैं नीम के पत्तों को पीसकर इसमें शहद लगाकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते है।

हमें उम्मीद है यह लेख आपको बहुत पसंद आया होगा अगर अभी भी आपको कुछ सवाल पूछना है तो नीचे कमेंट में जरूर लिखें या अपनी राय हमें देना चाहते हैं तो जरूर दीजिए ताकि हम आपके लिए कुछ नया कर सकें और यदि आप इस लेख से संतुष्ट हैं तो अपने दोस्तों को अवश्य शेयर करें.चलो बनाए देश को रोग मुक्त धन्यवाद


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